THE LAW OF ATTRACTION
आकर्षण का सिद्धांत
दोस्तों आपने “Om Shanti Om” का ये dialogue(संवाद) सुना होगा... ज़रूर सुना होगा...
“अगर किसी चीज़ को दिल से चाहो तो सारी कायनात उसे तुम से मिलाने में लग जाती है”
इसी को सिद्धांत के रूप में Law of Attraction ( आकर्षण का सिद्धांत ) कहा जाता है. ये वो सिद्धांत है जो कहता है कि आपकी सोच हकीकत बनती है. Thoughts ( विचार ) become ( हो जाना हैं ) things ( बातें ).
For example (उदाहरण के लिये ) : -
"अगर आप सोचते हैं की आपके पास बहुत पैसा है"
तो सचमुच आपके पास बहुत पैसा हो जाता है,
"यदि आप सोचते हैं कि मैं हमेशा गरीबी में ही जीता रह जाऊंगा"
तो ये भी सच हो जाता है.
शायद सुनने में अजीब लगे पर ये एक सार्वभौमिक सत्य है.
A Universal Truth
यानि हम अपनी सोच के दम पर जो चाहे वो बन सकते हैं. और ये कोई नयी खोज नहीं है
भगवान् बुद्ध ने भी कहा है
“हम जो कुछ भी हैं वो हमने आज तक क्या सोचा इस बात का परिणाम है. “
स्वामी विवेकानंद ने भी यही बात इन शब्दों में कही है
” हम वो हैं जो हमें हमारी सोच ने बनाया है, इसलिए इस बात का धयान रखिये कि आप क्या सोचते हैं. शब्द गौण हैं. विचार रहते हैं, वे दूर तक यात्रा करते हैं.”
The Law of Attraction ( आकर्षण का सिद्धांत ) या आकर्षण का सिद्धांत यह कहता है कि आप अपने जीवन में उस चीज को आकर्षित करते हैं जिसके बारे में आप सोचते हैं . आपकी प्रबल सोच हकीक़त बनने का कोई ना कोई रास्ता निकाल लेती है .